Haryana Census. हरियाणा सरकार ने औपचारिक तौर पर जनगणना-2027 की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। Central Government के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जनगणना का पहला चरण 01 मई, 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी। जनगणना कार्य के लिए प्रदेश को केन्द्र सरकार की तरफ से 200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। जनगणना के डेटा की सटीकता, एकरूपता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के मकसद से प्रदेश में सभी प्रशासनिक सीमाओं को स्थिर (फ्रीज) कर दिया गया है और जनगणना का कार्य पूर्ण होने तक इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। जिला स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने के लिए जल्द ही उपायुक्तों की एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस बुलाई जाएगी, ताकि प्रधान जनगणना अधिकारियों को समय-सीमा, दायित्वों और विस्तृत परिचालन योजना के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
नहीं होगी ट्रांसफर !
जनगणना अवधि के दौरान जनगणना से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी हेतु जनगणना-2027 को मासिक जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के स्थायी एजेंडा में शामिल किया जाएगा। जनगणना-2027 का पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल प्री-टेस्ट पंचकूला, हिसार और फरीदाबाद में सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक आबादी को कवर किया गया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्री-टेस्ट पूरा करने के लिए भारत के महापंजीयक (रजिट्रार जनरल ऑफ इंडिया) द्वारा प्रदेश की सराहना की गई है।
जिले बढ़े, लेकिन जनगणना नगर हुए कम

शिक्षकों को छोड़कर, जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की तैनाती फरवरी माह में की जाएगी। प्रथम चरण में लगभग 60,000 सरकारी कर्मचारी, गणनाकर्मी (इन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाएंगे। इस कार्य के लिए शिक्षकों एवं अन्य सरकारी कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी। जनगणना-2027 के लिए Haryana में 23 जिले होंगे, जबकि 2011 में यह संख्या 21 थी। उप-मंडलों (सब-डिस्ट्रिक्ट्स) की संख्या 75 से बढ़कर 94 हो गई है। वैधानिक नगर 80 से बढ़कर 88 हो गए हैं, जबकि जनगणना नगर 74 से घटकर 51 रह गए हैं। शहरी समूह (अर्बन एग्लोमरेशन) की संख्या 12 से बढ़कर 20 हो गई है। गांवों की संख्या 2011 के 6,841 की तुलना में अब 6,523 रह गई है। हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक्स, जो 2011 में 45,361 थे, जनगणना-2027 के लिए लगभग 51,000 अनुमानित हैं।
25 हजार रुपए का मिलेगा मानदेय
जनगणना-2027 के लिए गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को प्रथम चरण के लिए 9,000 रुपये तथा द्वितीय चरण के लिए 16,000 रुपये, कुल मिलाकर 25,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। मानदेय प्रत्येक चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद देय होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य, मंडल, जिला और उप-मंडल स्तर के अधिकारियों के लिए भी मानदेय स्वीकृत किए गए हैं, ताकि जवाबदेही और प्रेरणा सुनिश्चित की जा सके।
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