Home » मिर्ची तड़का » क्या स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्य़क्रम में शामिल होंगे अनिल विज ? जानिए कार्य़क्रम बदलने की वजह !

क्या स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्य़क्रम में शामिल होंगे अनिल विज ? जानिए कार्य़क्रम बदलने की वजह !

अनिल विज

चंडीगढ़ : हरियाणा में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होने वाले समारोह में ध्वजारोहण को लेकर सरकार की ओर से एक के बाद एक कर तीन लिस्ट जारी की गई। पहली दो लिस्टों में हरियाणा के सबसे वरिष्ठ और दबंग कैबिनेट मंत्री अनिल विज का नाम शामिल नहीं किया गया था। अब स्वतंत्रता दिवस समारोह से दो दिन पहले एक बार फिर से संशोधित लिस्ट जारी करते हुए उसमें अनिल विज को यमुनानगर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन किसी ने शायद यह गौर नहीं किया कि आखिर यह सब क्यों हो रहा है। चलिए हम आपकों बताते हैं।

सरकार की ओर से सबसे पहले 6 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने वाले मंत्री और विधायकों की लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट के अनुसार राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष को अंबाला में ध्वजारोहण करना था और कैबिनेट मंत्री अनिल विज को उनके साथ मौजूद रहना था। यानि कैबिनेट मंत्री अनिल विज को राज्यपाल की अगुवाई करनी थी। लिस्ट जारी होने के बाद हालांकि अनिल विज ने अधिकारिक रूप से इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन जानकार बताते हैं कि अनिल विज इस कार्यक्रम के लिए पूरी तरह से तैयार थे, क्योंकि यह कार्यक्रम अंबाला कैंट में होना था और अंबाला जिले में अनिल विज के अलावा भाजपा का कोई विधायक नहीं है। ऐसे में अनिल विज ने भी राज्यपाल के पहली बार अपने जिले में आने पर उनका स्वागत करना अपना कर्तव्य समझा।

कैंट से बदलकर शहर किया कार्यक्रम

इसके बाद 12 अगस्त को फिर से एक संशोधित लिस्ट जारी की जाती है। इस लिस्ट में कईं मंत्रियों और विधायकों के नाम को शामिल किया गया। साथ ही अनिल विज को पूर्व की लिस्ट की भांति राज्यपाल के कार्यक्रम में उनके साथ ही मौजूद रहना बताया गया। हालांकि पहली लिस्ट में जहां कार्य़क्रम अंबाला कैंट में होना था। वहीं, दूसरी लिस्ट में स्वतंत्रता दिवस के कार्य़क्रम का स्थल कैंट से बदलकर सिटी कर दिया गया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह सब कुछ अंबाला शहर के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री असीम गोयल के दवाब में किया गया। अब कैंट के स्थान पर राज्यपाल का कार्यक्रम शहर में होने के कारण वहां पर उनका स्वागत पूर्व मंत्री असीम गोयल करते यह जगजाहिर था। ऐसे में अनिल विज का वहां मौजूद रहना कहां तक सही होता, यह बताने की जरूरत नहीं है।

अनिल विज के आने पर संशय

राजनीतिक गलियारों में प्रदेश में सबसे वरिष्ठ मंत्री होने के बावजूद अनिल विज की अनदेखी का मुद्दा उठने पर एक बार फिर से आनन-फानन में स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण की नई लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट में अनिल विज को यमुनानगर में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि लिस्ट में अनिल विज का नाम ध्वजारोहण करने वाले नेताओं की लिस्ट में शामिल किए जाने के अलावा कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा और विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा के कार्य़क्रम स्थलों को भी आपस में बदला गया, जिससे कोई इस लिस्ट पर आसानी से सवाल नहीं उठा पाए, लेकिन यह सब जानते हैं कि इस लिस्ट को आखिर क्यों बदला गया ? राष्ट्रीय पर्व होने के कारण हालांकि अनिल विज ने इस पर अपनी ओर से कुछ भी टिप्पणी नहीं की, लेकिन जानकारों की माने तो अनिल विज के यमुनानगर में ध्वजारोहण के लिए पहुंचने पर संशय है। जानकार बताते हैं कि अनिल विज शायद ही इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पहले भी हो चुकी अनदेखी

बीते 21 दिन में यह दूसरी बार है जब मंत्रियों को तो जिम्मेदारी दी गई, मगर अनिल विज को इससे दूर रखा गया। बीती 22 जुलाई को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में हारी 42 सीटों की जिम्मेदारी मंत्रियों व विधायकों को सौंपी थी, उस दौरान भी अनिल विज को किसी विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। उस दौरान हरियाणा के मंत्री कृष्णलाल पंवार ने विज को जिम्मेदारी नहीं देने के पीछे उन्हें बीमारी बताकर विवाद को और गरमा दिया था। हालांकि अगले ही दिन पंवार ने विज से मुलाकात कर कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। हालांकि विज ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News