Travel time will change. देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजाना लाखों लोग अपने गंतव्य पर जाने के लिए ट्रेन के जरिए सफर करते हैं। ऐसे में कई लोगों को रोजाना अपने काम पर जाने के लिए घंटों पहले घर से निकलना पड़ता है। इनमें Haryana और Delhi के ऐसे हजारों लोग शामिल है, जो रोजाना अपने शहर से दूसरे शहर में नौकरी पर जाने के लिए घंटों पहले निकलते हैं। ऐसे लोगों के साथ ही अन्य लोगों के लिए अब राहत भरी खबर है। जी हां, दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Namo Bharat Train के जरिए अब दिल्ली से Panipat की 136 किलोमीटर की दूरी एक घंटे से भी कम समय में तय होगी। अभी तक इस सफर के लिए करीब 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

NCRTC ने कश्मीरी गेट से भालस्वा तक के रूट पर बिजली की लो-टेंशन लाइनों केबलों और स्ट्रीट लाइट्स को शिफ्ट करने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। दिल्ली सेक्शन में घनी आबादी और भारी ट्रैफिक की काफी चुनौतियां हैं। ऐसे में पहले यूटिलिटी शिफ्टिंग सिविल निर्माण की जरूरत है। काम के दौरान ट्रैफिक और राजमर्रा की जिंदगी पर न्यूनतम असर डालने की कोशिश की जाएगी। इस काम को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। आने वाले महीनों में और टेंडर जारी होंगे, जिससे पूरे कॉरिडोर का काम एक साथ चल सके।
बनेंगे कुल 17 रेलवे स्टेशन
बता दें कि 136 किलोमीटर का यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खान से शुरू होगा, जो कि उत्तर, पश्चिमी दिल्ली, नरेला, सोनीपत, कुंडली, गन्नौर, समालखा और पानीपत होते हुए बाद के चरण में करनाल तक पहुंचेगा, जिसमें ( सराय काले खान का छोड़कर) कुल 17 स्टेशन होंगे। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लगत करीब 33,000 करोड़ रुपये है।

इसके निर्माण के बाद ट्रेन करीब 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इसमें दिल्ली-पानीपत का सफर, जो अभी सड़क या सामान्य ट्रेन से पूरा करने में करीब 2 से 3 घंटे लगता है, घटकर 60 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-अंबाला हाइवे पर वाहनों की संख्या भी कम होने का अनुमान है, जिससे जाम और प्रदूषण में कमी आएगी।
यह स्टेशन बनेगा इंटरचेंज का हब
दिल्ली का सराय काले खान स्टेशन इस नेटवर्क का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनेगा। यहां दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत तीनों कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। इससे यात्री बिना किसी परेशानी के एक रूट से दूसरे रूट की ट्रेन बदल सकेंगे। दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर के 55 किलोमीटर लंबे हिस्से की सफलता ने इस प्रोजेक्ट के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद, नरेला से मुरथल के बीच निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।
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