Shukra Ashta 2026 : नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह के अस्त होने से 31 जनवरी के बाद ही शादी की शहनाई बजेगी, उससे पहले शुभ कार्यों पर रोक मानी जा रही है।
क्यों जरूरी है शुक्र ग्रह का उदय?
हिंदू धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों के लिए ग्रहों की स्थिति बेहद अहम मानी जाती है। सूर्य और बृहस्पति के साथ-साथ शुक्र ग्रह को विवाह और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब शुक्र ग्रह अस्त अवस्था में होता है, तब शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता।
31 जनवरी तक अस्त रहेंगे शुक्र
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शुक्र ग्रह 31 जनवरी 2026 तक अस्त अवस्था में रहेंगे। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ संस्कारों के लिए मुहूर्त नहीं बनते। यही वजह है कि नए साल की शुरुआत में कई परिवारों को अपने शादी के प्लान टालने पड़ सकते हैं।
अस्त शुक्र में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य?
धार्मिक ग्रंथों में माना गया है कि अस्त शुक्र के दौरान ग्रहों की अनुकूलता कमजोर हो जाती है। शुक्र ग्रह धन, संपत्ति, वाहन, ऐश्वर्य, वैवाहिक सुख और जीवन की सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसके कमजोर होने से शादीशुदा जीवन और सुख-सुविधाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्या करें इस दौरान?
हालांकि इस अवधि में शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय किए जा सकते हैं।
शुक्र को मजबूत करने के उपाय
शुक्र के बीज मंत्र का नियमित जाप
सफेद वस्तुओं (दूध, चावल, कपड़े) का दान
संयमित जीवनशैली और स्वच्छता
शुक्रवार के दिन विशेष पूजा-पाठ
इन उपायों से शुक्र दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
कब खुलेगा शुभ मुहूर्त का रास्ता?
ज्योतिष के अनुसार, 31 जनवरी के बाद ही मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल समय शुरू होगा, तब जाकर विवाह और गृह प्रवेश जैसे कार्यक्रम दोबारा तय किए जा सकेंगे।



