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Independence Day : पीएम मोदी ने लाल किले से कर दिया बड़ा ऐलान, अब लॉन्च होगा सुदर्शन चक्र मिशन

Independence Day : पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाकिस्तान को संदेश देने के साथ ही अपने दूसरे विरोधी देशों को भी संदेश दे दिया। साथ ही पीएम ने भारत के विकास के लिए बनाई गई योजनाओं के बारे में भी विस्तार से पीएम ने देश वासियों को जानकारी दी। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेकर सुदर्शन चक्र की राह चुनी है। महाभारत की लड़ाई के दौरान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में अंधेरा दिया था। तब अर्जुन ने जयद्रथ का वध करने की शपथ पूरी हुई थी। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। यह मिशन एक पावरफुल सिस्टम होगा। यह दुश्मन के हमले नाकाम करने के साथ दुश्मन पर हिटबैक भी करेगा। हमें भारत के मिशन सुदर्शन के लिए मूलभूत बातें तय की हैं। ये पूरा आधुनिक सिस्टम, रिसर्च-डेवलमेंट देश में ही हो, देश के नागरिकों की तरफ से ही हों।सुदर्शन चक्र की ताकत थी, वो जहां जाना होता था, वहीं जाता था यानी प्रिसाइज था। इसके जरिए भी हम टारगेटेड तरीके से आगे बढ़ेंगे। मैं प्रतिबद्धता से इस आगे बढ़ने का वचन देता हूं।

देश को टेक्नोलॉजी के द्वारा सुरक्षा कवच देंगे

अब युद्ध के तरीके बदल रहे हैं। पाकिस्तान ने संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों पर ड्रोन से हमले किए, लेकिन उनके हर हमले को हमारी टेक्नोलॉजी ने तिनके की तरह बिखेर दिया। जब युद्ध के मैदान में टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, तब लोगों की सुरक्षा के लिए महारत का विस्तार (अपग्रेड) करने की जरूरत है।

मैंने संकल्प लिया है, आपका आशीर्वाद चाहिए। समृद्धि कितनी भी हो, सुरक्षा के बिना कुछ भी नहीं है। आने वाले दस साल में 2035 तक देश के सामरिक के साथ-साथ सभी अहम केंद्रों को टेक्नोलॉजी के द्वारा सुरक्षा कवच दिया जाएगा। देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, कोई भी हम पर हमला करने आ जाए, टेक्नोलॉजी हमें सुरक्षित रखे।

यह बर्दाश्त नहीं

अपने भाषण में पीएम ने कहा- मैं एक चुनौती के लिए आगाह करना चाहता हूं। सोची-समझी साजिश के तहत संकट के बीज बोए जा रहे हैं। घुसपैठिए देश के नौजवानों की रोजी छीन रहे हैं, महिलाओं को निशाना बना रहे हैं, आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

जब डेमोग्राफी में बदलाव होता है तो देश में संकट आ जाता है। दुनिया का कोई देश घुसपैठियों को बढ़ावा नहीं दे सकता। पूर्वजों ने हमें यही सिखाया है, इन घुसपैठियों को दाखिल नहीं होने देना है। हमने हाईपावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू किया है। इसके तहत हम इस संकट से निपटने के लिए आगे बढ़ेंगे।

नौजवान ओलंपिक खेल रहे

मोदी ने कहा- हम बदलाव लाने में सफल हुए हैं। देश का बड़ा जनजातीय क्षेत्र नक्सलवाद की चपेट में लहुलुहान हो चुका था। सबसे बड़ा नुकसान आदिवासी लोगों को हुआ। इन लोगों ने अपने परिजन को खो दिए। एक समय था, 125 से ज्यादा जिलों में नक्सलवाद जड़ें जमा चुका था। इसमें जनजातीय नौजवान फंसे थे।

आज नक्सलवाद 20 जिलों में सिमट चुका है।एक जमाना था, बस्तर को याद करते ही बम-बंदूक की आवाज सुनाई देती थी। अब बस्तर के नौजवान ओलिंपिक करते हैं। देश ये बदलाव देख रहा है। जो कभी रेड कॉरिडोर जाना जाता था, अब ग्रीन कॉरिडोर बन गया है। आज यहां संविधान, विकास और कानून का तिरंगा फहरा दिया है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर हमने लोगों को जीवन बचाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

संघ के समर्पण को याद किया

पीएम ने कहा- हमें हमारी सभी भाषाओं पर गर्व होना चाहिए। पांडुलिपि में ज्ञान के भंडार हैं। ज्ञान भारत योजना के तहत जहां भी पांडुलिपियां हैं, टेक्नोलॉजी की मदद से इन्हें संजोने का काम कर रहे हैं, ताकि लोगों के लिए काम आएं। देश कोटि-कोटि लोगों ऋषि-मुनि, किसान, मजदूर, सेना के पुरुषार्थ से बनता है। पीएम ने RSS के लिए कहा- 100 साल से पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। इसने मातृभूमि के लिए समर्पण किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा NGO है। सेवा, समर्पण, संगठन और अद्वितीय अनुशासन के माध्यम से, आरएसएस ने राष्ट्र निर्माण में एक अनूठी भूमिका निभाई है। इसे दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक माना जाता है। मैं लाल किले की प्राचीर से सभी स्वयंसेवकों का नमन करता हूं।

विविधता हमारी ताकत

हमारा देश भाग्यवान है। आज गुरु तेगबहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस है। भारत के मूल्यों की रक्षा के लिए उन्होंने सबकुछ न्योछावर कर दिया। हमारी ताकत विविधता है। हम विविधता को सेलिब्रेट करने की आदत बनाना चाहते हैं। ये विविधता एक बहुत बड़ी विरासत, गौरव है। प्रयागराज के कुंभ में देखा, विविधता को कैसे जिया जाता है। वहां एक प्रण, एक प्रयास दिखा। देश आशाओं की विविधता से भरा। बांग्ला, मराठी, पाली-प्राकृत को क्लासिकल भाषा का दर्जा दिया है।

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