Heated politics. कईं दिनों से Haryana में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। Meteorological Department भी इस बार हरियाणा में सर्दी का रिकॉर्ड टूटने की बात कह चुका है। ऐसे में जहां लोग दिन के समय भी घरों में दुबके हुए हैं। वहीं, सर्दी के इस मौसम में अचानक एक बयान के कारण राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है। जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ajay Chautala की ओर से दिए गए बयान को लेकर अब हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने इसे अजय चौटाला की फ्रस्ट्रेशन बताया।
बता दें कि महेंद्रगढ़ में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन में अजय चौटाला ने कहा था कि शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर पीटने की जरूरत है। देश में नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे आंदोलन की आवश्यकता है। इन्हें (शासकों को) देश छोड़ने पर मजबूर करने का काम करना पड़ेगा। अब युवाओं के लिए खुद को संगठित करने का समय आ गया है। हमारे पड़ोसी देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों की तरह, श्रीलंका में जिस तरह बांग्लादेश के युवाओं ने सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर किया, जिस तरह नेपाल के युवाओं ने सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर किया, उसी तरह की रणनीति भारत में भी मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए अपनानी होगी।
Harsh Words. अजय चौटाला के बिगड़े बोल, बोले-शासकों को गद्दी से उतारकर पीटना होगा, देखिए वीडियो
जनता देती है जवाब-सीएम
अजय चौटाला के बयान को लेकर पूछे सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह भी लंबे समय तक सत्ता में रहे हैं। इस प्रकार का बयान देना निंदनीय है और इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री नेकहा कि इस प्रकार के बयान से उनकी फ्रस्ट्रेशन झलक रही है। इस प्रकार की बात करने वाले को जनता जवाब देती है। यहीं कारण है कि अब जनता ने उन्हें जीरो कर दिया। 2024 में वह एक भी सीट नहीं जीत पाए। सीएम ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नॉनस्टॉप तीसरी बार केंद्र और हरियाणा में सरकार बनी है। यह सब जन और जनता ही ही आशीर्वाद है। इस तरह का बयान देकर वह (अजय चौटाला) जन के आशीर्वाद और प्यार को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा लंबे समय तक भी यह दिखाई नहीं देंगे।
‘युवाओं को केंद्र में रखकर चलाई योजनाएं’
पत्रकारों से बातचीत से पूर्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा युवाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखते हुए अनेक युवा केन्द्रित योजनाएं चलाई हैं। उन्होने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने पिछले एक दशक मे वो कर दिखाया है जो अन्य सरकारें कई दशकों में नहीं कर सकी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में भाग लेने वाले 64 युवाओं में जोश भरते हुए उनके साथ समूह चित्र करवाया और प्रतिनिधिमंडल को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारत मंडपम, नई दिल्ली में 9 जनवरी से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेंगे और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। जिनमें गु्रप डांस, वाद विवाद प्रतियोगिता, पेंटिंग, यंग लीडर्स डायलाग, हैक फार सोशल कॉज, डिजाईन फॉर विकसित भारत शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधी मंडल को झंडी दिखाकर रवाना करने उपरांत युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि यह ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है। यह हमारे पूर्वजों से मिले संस्कारों, हमारी वीर संस्कृति और हमारे युवाओं के अतूम्य साहस का प्रतीक है। यह उस भरोसे का वाहक है, जो आज पूरा प्रदेश आप पर कर रहा है। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस संत स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर आयोजित किया जाता है। स्वामी विवेकानंद उम्र से ही नहीं बल्कि अपनी सोच से, अपने मन से, अपने विचारों से और अपने कर्मों से भी युवा थे।

युवा शक्ति से तय होता है राष्ट्र का भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति से तय होता है। जब युवा ऊर्जावान, शिक्षित, आत्मविश्वासी और राष्ट्र के प्रति समर्पित होते हैं, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हरियाणा के युवा सदैव परिश्रमी, अनुशासित और राष्ट्रभक्त रहे हैं। यही कारण है कि हरियाणा का युवा आज सेना, खेल, शिक्षा, कृषि, उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी प्रकार हमारी लोक संस्कृति-हमारे नृत्य, संगीत, कला और परंपराएं, सादगी, शक्ति और आत्मीयता का प्रतीक हैं। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में जब आप इनका प्रदर्शन करेंगे, तो पूरे देश को हरियाणा की आत्मा का दर्शन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि युवा सशक्तिकरण ही सशक्त भारत की कुंजी है और यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होने कहा कि यह प्रधानमंत्री के ही प्रयासों का परिणाम है कि भारत आज विश्व की चैथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया है। उनका सपना भारत को 2047 तक विकसित भारत और विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का है।



