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Haryana Day Special :  साफ नीयत और सकारात्मक सोच के साथ हरियाणा ने लिखी अपने बदलाव की कहानी !

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Haryana Day Special : एक नवंबर 1966 में जब Haryana का गठन हुआ… तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि ये छोटा-सा राज्य एक दिन पूरे भारत में विकास का मिसाल बनेगा… कभी पंजाब का हिस्सा रहा हरियाणा आज औद्योगिक ताकत, खेल प्रतिभा और कृषि उत्पादन में देश का सिरमौर बन चुका है…इन 58 सालों में हरियाणा ने बदला है हरियाणा ने खेतों को हरियाली दी, सड़कों को रफ्तार दी और युवाओं को नई पहचान..आज हरियाणा सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और तरक्की का प्रतीक है…चलिए जानते हैं हरियाणा ने संघर्ष से सफलता तक की कहानी कैसे खुद लिखी…।

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हरियाणा की मिट्टी से तरक्की की खुशबू आती है। खेती से लेकर खिलाड़ी तक…हरियाणा हर मोर्चे पर अव्वल है। विकास की दौड़ में सबसे आगे है, ये है आज का नया बदलता हरियाणा…। साल 1966 में जब हरियाणा बना, तो यह भारत के सबसे छोटे राज्यों में से एक था…. 44,212 वर्ग किलोमीटर का इलाका..67 लाख की आबादी…लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी…संसाधनों की कमी…ना उद्योग, ना मजबूत ढांचा…ना ही पर्याप्त शिक्षा व स्वास्थ्य संस्थान…।

नए सहस्राब्दि के साथ हरियाणा ने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया…गांव-गांव स्कूल खुले, बेटियों की शिक्षा पर योजनाएं बनीं …“लाड़ली योजना”, “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान हरियाणा की पहचान बने…2011 में हरियाणा की साक्षरता दर 76% पहुंची, जो 1966 की तुलना में तीन गुना थी…स्वास्थ्य सेवाओं में भी क्रांति आई… प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर एम्स जैसी योजनाओं तक हरियाणा आगे बढ़ा…कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक बने शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हरियाणा की धरती से शुऱू किए गए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” ना केवल देश बल्कि हरियाणा के लोगों की भी सोच बदली। हरियाणा के गठन के समय 1966 में जहां प्रदेश की महिला साक्षरता दर 10% थी, 2024 में वह बढ़कर 71% तक पहुंच गई। खेल और शिक्षा में हरियाणा की बेटियों ने अपना जलवा दिखाया।

जो हरियाणा कभी कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम था, आज वही राज्य भारत के विकास का चेहरा बन गया है..आज हरियाणा की बेटियां न सिर्फ घर-परिवार संभाल रही हैं बल्कि खेल, शिक्षा, प्रशासन, रक्षा, और उद्योग हर मोर्चे पर देश का नाम रोशन कर रही हैं….

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मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए दर्जनों योजनाएं शुरू की हैं। एक ऐसा बदलाव जो हरियाणा की सोच, समाज और सूरत तीनों को बदल गया है..। गांव-गांव में अब कन्या जन्म पर जश्न मनाया जाता है….मुख्यमंत्री नायब सैनी की नीतियों ने हरियाणा की बेटियों को वो मंच दिया, जो दशकों से छिन गया था…बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को उन्होंने सिर्फ सरकारी नारा नहीं रहने दिया, बल्कि हर पंचायत, हर आंगनवाड़ी, हर स्कूल तक पहुंचाया..आज हरियाणा का लिंगानुपात 917 से बढ़कर 933 हो गया है..जो कभी चिंता का विषय था, वह अब गर्व का प्रतीक है…सरकार की पहल से स्कूलों में लड़कियों की संख्या तेजी से बढ़ी है…‘लाडली योजना’, ‘सक्षम योजना’, ‘अपना घर-अपनी बेटी योजना’ जैसी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया..सैनी सरकार का फोकस साफ है“बेटी सिर्फ घर की नहीं, देश की ताकत बने…

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ओलंपिक में भारत का परचम लहराने वाली कल्पना चावला के अलावा खेल में मेडल लाने वाली गीता फोगाट,साइना नेहवाल, मनु भाकर….मंजू रानी, भावना जाट सब हरियाणा की बेटियां हैं…हरियाणा ने भारत को 40% से ज्यादा महिला खिलाड़ियों दिए हैं…मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में राज्य में खेल नीति को नई दिशा दी गई है…खेल सम्मान राशि बढ़ाई गई, महिला खिलाड़ियों के लिए अलग स्पोर्ट्स हॉस्टल, ट्रेनिंग कैंप, और कोचिंग सेंटर खोले गए..यही वजह है कि हरियाणा आज ‘स्पोर्ट्स पावर हाउस ऑफ इंडिया’ बन गया है…

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हरियाणा वो धरती जिसने हरित क्रांति से देश को अन्नदाता बनाया, आज एक बार फिर कृषि क्रांति की नई मिसाल बन रही है…मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार ने खेती को परंपरा से तकनीक तक पहुंचाया है…जहां ड्रोन उड़ रहे हैं, मिट्टी बोल रही है, और किसान डिजिटल हो चुके हैं…‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से लेकर ‘जल ही जीवन है मिशन’ तक… हर योजना ने खेतों में हरियाली और गांवों में खुशहाली फैलाई है…सैनी सरकार का विजन साफ है हर खेत में तकनीक, हर किसान के चेहरे पर मुस्कान…यही है नया हरियाणा.. आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध…

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बीते एक दशक में हरियाणा का इंफ्रास्ट्रक्चर देश में मिसाल बन चुका है…राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और शहरीकरण… सबमें हरियाणा सबसे आगे…दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 130 किमी हिस्सा हरियाणा से गुजरता है…सोनीपत, बहादुरगढ़, पलवल, बल्लभगढ़ तक मेट्रो पहुंच चुकी है…गांवों में 24 घंटे बिजली, डिजिटल सेवा केंद्र और पंचायत भवनों ने शासन को गांव के दरवाजे तक पहुंचा दिया है…

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हरियाणा सिर्फ उद्योग या कृषि नहीं, बल्कि संस्कृति का भी गढ़ है…कुरुक्षेत्र में गीता जयंती, सूरजकुंड मेला, फरीदाबाद का हस्तशिल्प बाजार हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को विश्व स्तर तक पहुंचा रहे हैं…राज्य सरकार ने धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाकर ज्योतिसर, पिंजौर, और मोरनी जैसे स्थलों को वैश्विक नक्शे पर चमका दिया है..हरियाणा अब “गीता भूमि” के रूप में आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बन चुका है..

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हरियाणा ने प्रशासनिक पारदर्शिता में भी नई मिसाल कायम की है…e-Governance, डिजिटल रजिस्ट्रेशन, परिवार पहचान पत्र (PPP) जैसी योजनाओं ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है…CM WINDOW से आम जनता की शिकायतें अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचती हैं…। स्मार्ट विलेज मिशन और हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन पॉलिसी जैसे कदमों ने विकास की रफ्तार और बढ़ाई है…।

आज हरियाणा देश का वो चेहरा है ..जहां गांव और शहर दोनों एक साथ आगे बढ़ रहे हैं…जहां किसान की मेहनत और खिलाड़ी की जीत, दोनों मिलकर राज्य की पहचान बनाते हैं…जहां बेटियां अब सिर झुकाकर नहीं, पदक जीतकर आगे बढ़ती हैं…जहां उद्योगपति निवेश करता है..और किसान नवाचार करता है…हरियाणा का सफर “संघर्ष से सफलता” का प्रतीक बन चुका है..

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आज हरियाणा देश की प्रति व्यक्ति आय में टॉप-5 राज्य में है। खेलों में 40% से अधिक राष्ट्रीय योगदान हरियाणा का है। उद्योग निवेश में 3 गुना वृद्धि हुई। 98% गांवों तक सड़क और बिजली पहुंचा गई। “Ease of Doing Business” में टॉप रैंकिंग है।

सीएम नायब सैनी का नेतृत्व हरियाणा को एक नए युग की ओर ले जा रहा है..उनकी राजनीति सिर्फ सड़क या विकास योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव विकास, नारी गरिमा और सामाजिक सम्मान पर केंद्रित है। हरियाणा की कहानी अब सिर्फ विकास की नहीं, बदलाव की कहानी है…मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार ने साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो, सोच सकारात्मक हो, तो समाज की दशा और दिशा दोनों बदली जा सकती हैं…। आज हरियाणा की महिलाएं सड़कों पर सुरक्षित हैं, खेतों में उत्पादक हैं, स्कूलों में शिक्षक हैं, स्टेडियमों में चैंपियन हैं, और बोर्डर पर रक्षक भी…।

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हरियाणा की ये कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं…ये मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की कहानी है…1966 में जो राज्य अपनी पहचान खोज रहा था…आज वही हरियाणा, भारत के विकास मॉडल का चेहरा बन चुका है..खेलों में परचम, खेतों में उत्पादन, और उद्योग में नवाचार…हर क्षेत्र में “हरियाणा नंबर वन…और जैसा मुख्यमंत्री सैनी कहते हैं हमने सिर्फ सड़कें नहीं बनाई, हमने जनता का भरोसा बनाया है..हरियाणा आज भी आगे है… और कल भी आगे रहेगा..।

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