Memorial of the First War of Independence : अंबाला में बन रहे 1857 में लड़ी गई देश की आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक का कार्य करीब पूरा हो चुका है। एशिया के सबसे बड़े इस स्मारक के माधअयम से लोगों को स्वतंत्रता संग्राम की सच्चाई और शहीदों की कुर्बानियों से अवगत कराया जाएगा। Haryana के कैबिनेट मंत्री Anil Vij ने कहा कि नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह में इस स्मारक के उदघाटन होने की संभावना है। उनके द्वारा Prime Minister Narendra Modi से आग्रह किया गया है कि वे इस विशाल व महत्वपूर्ण शहीद स्मारक का उदघाटन अपने कर-कमलों से करें।
लगातार प्रयास और संघर्ष किया

अनिल विज ने बताया कि आजादी की पहली लड़ाई में अत्यंत क्रूरता हुई। लोगों को पेड़ों से बांधकर गोलियों से मारा गया, कई सालों तक जेलों में रखा गया और कई रेजिमेंटों को भंग कर दिया गया। उन वीर शहीदों को आज तक उचित सम्मान नहीं मिला। उनकी कहानियों को लोगों के सामने नहीं लाया गया, उनके गीत नहीं गाए गए और उनके बलिदान के लिए कोई विशेष दिन नहीं मनाया गया। इस सच्चाई को सामने लाने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास और संघर्ष किया।
प्रधानमंत्री मोदी से की अपील

उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक अब लगभग तैयार हो चुका है। इसका उद्घाटन नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। विज ने कहा कि चूंकि यह स्मारक अत्यंत विशाल और महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रार्थना की है कि इस शहीद स्मारक का उद्घाटन प्रधानमंत्री के कर-कमलों से करें।



