Saraswati Festival of Art and Culture. पिहोवा में होने वाले International Saraswati Festival में देश की कला और संस्कृति का अनोखा संगम और रंग देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न राज्यों के कलाकारों और शिल्पकारों का मेला देखने को मिलेगा। Haryana सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि Chief Minister Nayab Singh Saini के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन 19 जनवरी से 25 जनवरी तक किया जाएगा। इस महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 19 से 23 जनवरी तक रहेंगे और 19 जनवरी को Adibadri से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी महोत्सव का शुभारंभ करेंगे, 20 से 21 जनवरी तक Kurukshetra University में दो सत्रों में सरस्वती पर तकनीकी सत्र और अंत में पैनल डिस्कशन होगी।

उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को राखी गढ़ी में बोर्ड की तरफ से प्रदर्शनी और वर्कशाप को आयोजन सुबह 10 बजे से 5 बजे तक होगा, 22 जनवरी को ही कुनाल में भी 10 बजे से लेकर 5 बजे तक प्रदर्शनी और वर्कशाप का आयोजन किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि 23 जनवरी को पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर 31 कुंडीय हवन यज्ञ और मंत्रोच्चारण, 2100 विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना, सायं 6 बजे से 8 बजे तक दीप दान, भजन संध्या और सरस्वती आरती के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। इस महोत्सव को विशेष पहचान दिलाने के लिए 19 जनवरी से 25 जनवरी तक सरस मेला भी चलेगा। इस सरस मेला में हरियाणा के साथ-साथ आस-पास के राज्यों के शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है।
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उन्होंने कहा कि शिल्पकला के साथ-साथ देश और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब सहित अन्य राज्यों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है। यह कलाकार अपने-अपने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को गीतों और नृत्यों के माध्यम से सबके समक्ष रखेंगे। इस प्रकार पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल के पावन तट पर सांस्कृतिक और कला का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।



