Assembly Monsoon Session : हरियाणा में संगठन की कमी के चलते कांग्रेस एक के बाद एक लगातार तीन विधानसभा चुनाव हार चुकी है। ऐसे में 11 साल बाद प्रदेश में संगठन के तौर पर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई, लेकिन इस दौरान कांग्रेस हाई कमान विधानसभा में अपने नेता प्रतिपक्ष का चुनाव अब तक नहीं कर पाई है। 10 माह के करीब का समय गुजर जाने के बाद बजट सत्र के बाद अब विधानसभा का मानसून सत्र आ गया, लेकिन कांग्रेस अभी तक अपने नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान नहीं कर पाई। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस अपने नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान कर देगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
बिना नेता के बुला ली बैठक
कांग्रेस की ओर से भले ही हरियाणा विधानसभा में अपने नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान ना किया गया हो, लेकिन पार्टी की ओर से सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की नेता प्रतिपक्ष के रूप में नजर आते हैं। ऐसे में अब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस की ओर से अपने विधायकों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें वह सत्र के दौरान सरकार से आमना-सामना करने की रणनीति के अलावा जनहित के मुद्दे को उठाने की चर्चा करेंगे।
विधायक ने की नेता प्रतिपक्ष की मांग
हरियाणा एक ओर कांग्रेस लगातार चौथी बार बिना नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा सत्र में उतरेगी। इसी बीच नारनौंद से कांग्रेस के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने मीडिया में बयान देते हुए सदन में नेता प्रतिपक्ष के होने को जरूरी बताया।
पार्टी कार्यालय में बुलाई बैठक
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान के मुताबिक आज दोपहर 12 बजे विधायक दल की बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में बुलाई गई है। बैठक में ही सभी विधायकों से उनके हलके में आने वाली परेशानियों और मुद्दों पर बातचीत करने के बाद सदन में उठने वाले मुद्दों को तय किया जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष पर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह उनके नहीं बल्कि हाईकमान के हाथ में है।



